21 जुलाई 2011

नोट छपाई में आउटसोर्सिंग

भारतीय करेंसी.

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खबर : इस बात के पुख्‍ता सुबूत हाथ लगे हैं कि भारत में मौजूद जाली नोटों की छपाई पाकिस्तान की सरकारी प्रेस में हो रही है. इसमें पाक सरकार का हाथ है.

तड़का : भारत सरकार को अपनी छपाई बंद कर देनी चाहिए. पाकिस्‍तान सरकार को भारतीय करेंसी छापने का ठेका दे देना चाहिए. मतलब आउटसोर्सिंग.
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29 जून 2011

मैं तो तैयार हूं... पर

बयान : मैं निजी रूप से लोकपाल के दायरे में आने को तैयार हूं. पर मेरी निजी राय का कोई मतलब नहीं है. यह फैसला मंत्रिमंडल को करना है.  -डॉक्‍टर मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह. फाइल फोटो
तड़का : अगर मेरी निजी राय मानी जाती तो इतना हल्‍ला ही नहीं होता, जितना कि अब हो रहा है. 

15 मई 2011

पैट्रोल रेट में इजाफा ज्यादा नहीं....

खबर : पैट्रोल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर इजाफा.
गोली मार भेजे में...
तड़का : 5 राज्यों में चुनाव हुए थे. कांग्रेस को लोगों ने अच्छा रिस्पांस दिया. तो एक राज्य के हिसाब से 1 रुपए की बढ़ोतरी कोई ज्यादा तो नहीं.!!!

06 मई 2011

हमने की, सब करें पाकिस्तान की मदद ???

चीन का बयान : हम पाकिस्तान की स्थिति का समर्थन करते हैं. विश्व समुदाय आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की कोशिशों को समझे और उसकी मदद करे न कि आलोचना करे.
I Am The Boss.
तड़का : हमें देखिए, हम तो यह जानकर भी पाकिस्तान की मदद कर रहे थे कि ओसामा बिन लादेन वहां रह रहा था.

03 मई 2011

दिग्विजय की लादेन के प्रति सहानुभूति

बयान : ओसामा बिन लादेन के शव को समुद्र में दफनाया जाना मुस्लिम धर्म के खिलाफ है. ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था. -दिग्विजय सिंह, महासचिव, कांग्रेस
बड़ा अफ़सोस हुआ.
तड़का : दिग्गी साब शायद यह कहना चाहते हैं, ‘‘जो कुछ ‘ओसामा बिन लादेन जी’ कर रहे थे, वह धर्म के अनुसार था. उन्हें समुद्र में दफनाने की बजाय वहां दफनाया जाना चाहिए था, जहां बड़ी हस्तियां दफनाई गई हों.’’

01 मई 2011

कौन किसका नेता?

बयान : युसूफ रजा गिलानी हमारे नेता हैं. - सयैद सलाहुदीन, हिज्बुल मुजाहिदीन के चीफ कमांडर.
सयैद सलाहुदीन
तड़का : अच्छा जी, हम तो सोच रहे थे आप उनके (गिलानी एंड पार्टी) के नेता है.

28 अप्रैल 2011

संसद पर एटमी परीक्षण

खबर : चीन का मानना है कि भारत किसी भी वक्त एटमी परीक्षण कर सकता है. क्योंकि भारत लंबे समय से परमाणु परीक्षण का मौका तलाश रहा है.

तड़का : इस बार अगर एटमी परीक्षण संसद पर कर दिया जाए तो क्या कहने! मजा आ जाएगा! कई ‘राक्षसों’ से मुक्ति मिल जाएगी, जैसे कि भ्रष्टाचार, महंगाई, साम्प्रदायिकता आदि-आदि.