18 मार्च 2011

मुझे खरीद-फरोख्त का पता नहीं


मुझे तो कभी कुछ नहीं मिला... आज हिसाब करूँगा.

बयान: 2008 में सरकार के विश्वास मत के दौरान कोई खरीद-फरोख्त नहीं हुई. कम से कम मेरी जानकारी में तो ऐसा बिलकुल नहीं है. -प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, ईमानदार

तड़का: और क्या-क्या जानकारियां आपको नहीं हैं, जरा उनसे भी तो रूबरू करा दीजिए।

14 मार्च 2011

मार काट दो, पर शांति बनाए रखो


खबर: हथियारों की खरीद में भारत अव्वल। चीन दूसरे नंबर पर। अमेरिका ने बेचे सबसे ज्यादा हथियार।
तड़का: ये तो वही बात हुई। गांव में दो भाई लड़ रहे थे। सरपंच ने दोनों भाईयों के हाथों में लाकर तलवार थमा दी और कहा- एक दूसरे को मार काट दो, लेकिन शांति बनाए रखो।

07 फ़रवरी 2011

परवेज की परवाज़

खबर: बेनजीर भुट्टो की हत्या के आरोप में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का भी नाम चार्जशीट में शामिल।
तड़का: चार्जशीट का क्या है? कोई कार्रवाई न हो, इससे पहले ही परवेज साहब लंदन की परवाज़ भर चुके हैं।

28 जनवरी 2011

‌‌‌बौरा से गए हैं ​दिग्विजय ​सिंह


कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह का एक और विवादास्पद बयान, कहा- भारत-पाक बंटवारे के लिए मोहम्मद अली जिन्ना नहीं, वीर सावरकर जिम्मेदार थे।
तड़का : लगता है इनका भी भारी-भरकम धन स्विस में जमा है। जब से काले धन को वापस लाने की चर्चा तेज हुई है, तब से बावरे से हो गए हैं। अजीब-सी बातें ‌‌‌करने लगे हैं।

19 जनवरी 2011

‌‌‌तो इस​लिए होगा भारत बंद

खबर :महंगाई के ​खिलाफ माओवा​दियों ने ​किया भारत बंद का आह्वान. 7 फरवरी को होगा 24 घंटे का बंद.


तड़का : माओवादी सोच रहे होंगे ‘‘इतनी महंगाई रही तो सारा पैसा खाने-पीने में ही खर्च हो जाएगा. ​फिर हम ह​थियार कहां से खरीदेंगे? हमारा ​मिशन तो बीच में ही रह जाएगा.’’

10 जनवरी 2011

‌‌‌बूढ़े घोड़े

खबर : आईपीएल-4 में भारतीय ​क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ ‌‌‌गांगुली को नहीं ​मिला खरीदार, सनथ जयसूर्या भी नहीं ​बिके.
तड़का : बूढ़े हो चुके घोड़ों पर कौन दांव खेलना चाहेगा? इन्हें अब संन्यास ले लेना चा​हिए. ​बिना मतलब बेइज्जती कराने का क्या फायदा.

02 जनवरी 2011

युवी ने सही तो लिखा है

युवराज सिंह को आईपीएल के तमाशे ने बर्बाद कर दिया. वो बहुत घमंडी हो गए हैं. ट्वीटर पर उनका स्टेटस  क्रिकेटर, सेलिब्रिटी, बिजनेसमैन उर्फ युवी उनकी ईगो को दिखाता है : ब्रिटिश अखबार ‘डेली टेलीग्राफ’


तड़का : अखबार वाले हमेशा चीज़ों को तोड़-मरोड़ के पेश करते है.  युवी ने सही तो लिखा है. पहले वो सिर्फ एक क्रिकेटर थे. फिर सेलिब्रिटी बने और फिर बिजनेसमैन. IPL खेलने वाले सब बिजनेसमैन ही तो हैं.